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जाफरानी पनीर से लेकर बादाम हलवा तक: पुतिन के लिए भोज में राष्ट्रपति भवन ने क्या-क्या परोसा |

रात्रि भोज की शुरुआत मुग़लई चार्स से हुई, जो कि दक्षिण भारतीय शैली का एक हल्का और रेशेदार सूप है। इसके बाद मेहमानों को कई तरह के शाही स्टार्टर परोसे गए। इनमें गुड़ची (दूध चावल), काले चने की शिखमपुरी और सब्जी झोल मोमो चटनी के साथ दिए गए। यह सभी कश्मीर से लेकर पूर्वी हिमालय की क्षेत्रीय स्वाद परंपराओं को दर्शा रहे थे।
  • By Tiranga Times
  • Reported By: Admin
  • Updated: December 6, 2025

रात्रि भोज में भारतीय भोजन का भव्य प्रदर्शन

रात्रि भोज की शुरुआत मुग़लई चार्स से हुई, जो कि दक्षिण भारतीय शैली का एक हल्का और रेशेदार सूप है। इसके बाद मेहमानों को कई तरह के शाही स्टार्टर परोसे गए। इनमें गुड़ची (दूध चावल), काले चने की शिखमपुरी और सब्जी झोल मोमो चटनी के साथ दिए गए। यह सभी कश्मीर से लेकर पूर्वी हिमालय की क्षेत्रीय स्वाद परंपराओं को दर्शा रहे थे।

शुरुआत के स्टार्टर के बाद मुख्य भोजन की बारी आई। राष्ट्रपति भवन के शेफों ने सर्दियों के समय वाली भारतीय पाक परंपराओं का कौशल दिखाने के लिए एक विस्तृत भोजन पेश किया गया। इसमें जखनिया पनीर चौरसी, पालक मेंथी मटर का साग, तंदूरी भरवां भिंडी, अवारी बैंगन और पीली दाल तड़का शामिल थे। खाने के साथ सूखे मेवे और केसर पुलाव को भी परोसा गया। इसके साथ रोटियों में लच्छा परांठा, मक्की ज्वान, सतनाज रोटी, मिस्सी रोटी और बिस्कुटी रोटी का विकल्प मौजूद था।

भोजन के बाद जब डेज़र्ट (मिठाई) की बारी आई तो यहीं से भारतीय परंपरा की झलक अलग ही दिखाई दी। सादी बनारसी बेर का रसाव और केसर पिस्ता कुल्फी पेश की गई। इनके साथ में ताजे फल भी दिए गए। इसके अलावा गुड़ सैंडेस और भूखरुवी भी थे, जिन्होंने मिठास के साथ-साथ कुरकुरापन का भी एक विशेष स्वाद पेश किया गया। इसके अलावा पीने के लिए अमर, संतरा, गाजर और अदरक का मिश्रित जूस मौजूद था, जबकि सलाद में लेट्यूस, खीरा-ककड़ी, शकरकंद पपड़ी चाट और उसके अलावा कच्चरत हरी और रयता शामिल थे। इसके बाद गौंथर अचार, आम की चटनी और नींबू के विप भी थे।

 

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